Monday, 21 November 2011

अनमोल संग्रह

अनमोल संग्रह

तुझमे एक बात है
जो मेरे लिए खास है
अपनी दुआओं में शामिल करती है तू
तुझे पाने की यही सबसे बड़ी आस है

जब जब उदास होता हूँ
तेरे बारे में सोचता हूँ
तेरे बारे में सोचकर जब उदास होता हूँ तब
ख्याल आता है
कि
संभल जा कहीं
समुन्द्र की लहरों की तरह वजूद ही न रहे

सर्दी की उस रात  में
अकेला खड़ा था
यही सोचकर कि
मेरी किस्मत मुझे मिल जाये  तभी याद आया 
गर किस्मत ऐसे मिलती तो
दिन भी मेरे लिए रात होती
अनजाने रिश्तों से अच्छा है
उन यादों के साथ रहे
जो हमे कभी गम तो कभी ख़ुशी देते है

तेरी चाहत से बड़कर कुछ नहीं
तुझे दिए हुए वादों से ज्यादा कुछ नहीं
बस इतना तो बता
तेरी नफरत से कुछ ज्यादा है क्या

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