Tuesday, 14 February 2012

सहारा का रवैया

सहारा का रवैया
चेन्नई में हुई बैठक के बेनतीजा निकलने के बाद सहारा और बीसीसीआई का विवाद अभी भी कायम है। सहारा ने अपने ११ सालों  के वित्तीय संबंधों  को तोड़ दिया है। हालांकि सहारा की कुछ मांगों  तो मान ली गई है लेकिन उनकी कुछ  मांगों  को बीसीसीआई ने मना कर दिया है। सहारा का कहना है कि आईपीएल पांच में पुणे वरियर्स  की टीम  में चार की जगह छ विदेशी खिलाड़ियों को खिलाने की इजाजत दी जाए जिस पर बीसीसीआई ने सहमति देने से इनकार कर दिया है। इस पर बीसीसीआई का कहना है कि हम सहारा को ये अधिकार देकर बाकी टीमों को नाराज नहीं कर सकते। 
आईपीएल नियमों  के मुताबिक आईपीएल की किसी भी टीम में चार से ज्यादा खिलाड़ी नहीं हो सकते तो क्योंकि सहारा इन  मांगों को मनवाने पर तूला पड़ा है। साथ ही सहारा का कहना है कि 2003 में आईसीसी के निर्देश पर टीम की वर्दी से सहारा का लोगो को हटा दिया था। जिसमें बीसीसीआई की कोई गलती नहीं है। सहारा और बीसीसीआई के संबंध खत्म होने के कगार पर है यदि समय रहते दोनों के बीच कोई समझौता नहीं होता है तो इसे भारतीय क्रिकेट में एक बड़े नुकसान के रुप में देखा जाएगा। वैसे अगले आईपीएल में सहारा को खेलने का फैसला खुद से करना है क्योंकि अगर पुणे वारियर्स आईपीएल  में आती है तो इस खेल के रोमांचक पहलूओं को और अच्छे तरह से लोग देख सकते हैं। देश के लोगों की भी सहारा परिवार से भावानाएं जुड़ी हुई है।
रवि
8802076525
नई दिल्ली

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